School hamari life thi | School life ki yaadein
स्कूल ही हमारी लाइफ थी
.
.
.
Last bench पर हमारी Team थी….
.
.
.
जन-गण-मन के समय स्कूल के बाहर रहना …
…
.
.
.
प्रार्थना के वक्त भी….
.
सबके समान…सिर्फ
.
होठ हलाना ….
.
.
.
बारिश मे स्कूल
.
जाते वक्त,
छाता बैग मे रखकर?
.
जानबुझकर गीले होते जाना,
.
.
.
किताबे गिली ना हो
.
इसलिए ….उन्हे पॉलिथीन मे रखना….
.
.
.
स्कूल से आते आते …
.
एखादी पानी के गड्ढे मे कुद के
सभी के कपड़े खराब करना
.
.
.
हर Off -Period मे P.T.
के लिये…हमारा झगडा़…
.
.
.
स्कूल से घर जाते वक्त….वो बर्फ का
गोला खाना….
.
.
.
>इतिहास मे था शाहिस्तेखान
.
>नागरिक शास्त्र मे प्रधानमंत्री
.
>गणित… भुमिती …
.
पायथागोरस का प्रमेय…
.
>हिंदी की वो “चिटी कि
आत्मकथा”
.
>English मे Grammar से ही हो
गयी थी हमारी व्यथा …
.
स्कूल के दीन अभी भी याद
आते है…. Desk पर Pen से
वो “Pen-fights”
.
खेलना….
.
.
.
Exams मे
.
रिक्त जगह भरना…
.
आैर जोडी मिलाना…
.
.
.
.
.
पर अब स्कूल नही, दोस्त नही,
.
परीक्षा नही,
.
परिक्षा का Tension नही, एक साथ रहना
नही
.
गीले शीकवे नही.....I
.
.
..
अब रह गयी सिर्फ
.
"दुनियादारी".।।।।
MISSING THAT GOLDEN DAYS OF LIFE.
.
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Last bench पर हमारी Team थी….
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जन-गण-मन के समय स्कूल के बाहर रहना …
…
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प्रार्थना के वक्त भी….
.
सबके समान…सिर्फ
.
होठ हलाना ….
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.
बारिश मे स्कूल
.
जाते वक्त,
छाता बैग मे रखकर?
.
जानबुझकर गीले होते जाना,
.
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किताबे गिली ना हो
.
इसलिए ….उन्हे पॉलिथीन मे रखना….
.
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स्कूल से आते आते …
.
एखादी पानी के गड्ढे मे कुद के
सभी के कपड़े खराब करना
.
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हर Off -Period मे P.T.
के लिये…हमारा झगडा़…
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स्कूल से घर जाते वक्त….वो बर्फ का
गोला खाना….
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>इतिहास मे था शाहिस्तेखान
.
>नागरिक शास्त्र मे प्रधानमंत्री
.
>गणित… भुमिती …
.
पायथागोरस का प्रमेय…
.
>हिंदी की वो “चिटी कि
आत्मकथा”
.
>English मे Grammar से ही हो
गयी थी हमारी व्यथा …
.
स्कूल के दीन अभी भी याद
आते है…. Desk पर Pen से
वो “Pen-fights”
.
खेलना….
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Exams मे
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रिक्त जगह भरना…
.
आैर जोडी मिलाना…
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पर अब स्कूल नही, दोस्त नही,
.
परीक्षा नही,
.
परिक्षा का Tension नही, एक साथ रहना
नही
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गीले शीकवे नही.....I
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अब रह गयी सिर्फ
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"दुनियादारी".।।।।
MISSING THAT GOLDEN DAYS OF LIFE.