दुनिया ना समझ पाती कभी भूख और प्यास की शिद्दत.. | Ramzan shayri in hindi | Ramzan mubarak shayri in hindi 2017

किसी का ईमान कभी रोशन ना होता,

आगोश मे मुसलमान के अगर कुरान ना होता,

दुनिया ना समझ पाती कभी भूख और प्यास की शिद्दत,

अगर (12) महिनो में (1) रमजान ना होता।
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