हक़ तेरा हमसे, अदा ना हो सका खुदा, ग़ूस्ताखी, बे-अदबी, हमसे हुई है सदा - Alwida alwida mahe ramzan shayri sms 2017
☆हक़ तेरा हमसे, अदा ना हो सका खुदा, ☆ग़ूस्ताखी, बे-अदबी, हमसे हुई है सदा ॥ ☆बक्ष दे सारे गुन्हाओं को बादशाहे-दोजहाँ, ☆अब तो रमज़ान भी ह...
